रायपुर, 23 जुलाई। छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन के दो दिवसीय ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ एवं सम्मान समारोह के समापन अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह में प्रदेश में सौर ऊर्जा के विस्तार और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर चर्चा हुई।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है और छत्तीसगढ़ को अपने विकास में सौर ऊर्जा की क्षमता का अधिकतम उपयोग करना चाहिए। घरों और प्रतिष्ठानों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की बचत के साथ प्रदूषण भी कम होगा। उन्होंने कहा कि कोयले पर अत्यधिक निर्भरता से प्रदूषण, धूल और परिवहन संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं, जिसका असर स्वास्थ्य और ऊर्जा व्यवस्था पर पड़ता है।

अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत देशभर में करोड़ों घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ में भी करीब 2.5 लाख सिंचाई पंपों को ऊर्जीकृत करने की दिशा में काम किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी कृषि पंपों और अधिक से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए।

उन्होंने विद्युत क्षेत्र में दी जा रही करीब 10 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा अपनाने से इस खर्च को कम किया जा सकता है। इसका लाभ प्रदेश के मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग को मिल सकता है तथा लोगों की आय और जीवन स्तर में सुधार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

सांसद ने कहा कि छत्तीसगढ़ कोयला, लौह अयस्क, एल्युमिनियम और लाइमस्टोन जैसे खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यदि प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी मजबूत बनता है, तो छत्तीसगढ़ और रायपुर देश के तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।

समारोह के दौरान सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्टेकहोल्डर्स और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। सांसद अग्रवाल ने आयोजन के लिए संतोष मिश्रा और उनकी टीम को बधाई दी।

कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, CSPDCL चेयरमैन भीम सिंह कंवर, CSWA अध्यक्ष संतोष मिश्रा, राकेश खंडेलवाल, लकी जुमलानी सहित प्रदेशभर से आए सौर ऊर्जा क्षेत्र के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।