‘बॉर्डर 2’ में वरुण धवन की एक्टिंग पर ट्रोलिंग

‘संदेसे आते हैं’ गाने से तुलना पर अभिनेता ने दी प्रतिक्रिया

मुंबई | सच बोलो न्यूज़

आने वाली फिल्म Border 2 को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसी बीच फिल्म में Varun Dhawan की एक्टिंग को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। हाल ही में सामने आए कुछ सीन और प्रमोशनल झलकियों के बाद वरुण धवन की तुलना फिल्म ‘बॉर्डर’ के आइकॉनिक गाने ‘संदेसे आते हैं’ और उसमें Sunny Deol की दमदार परफॉर्मेंस से की जाने लगी। इस तुलना के चलते वरुण को सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया गया।

क्यों हुई ट्रोलिंग?

दरअसल, ‘बॉर्डर’ (1997) भारतीय सिनेमा की उन फिल्मों में शामिल है, जो देशभक्ति और भावनात्मक गहराई के लिए आज भी याद की जाती है।

खासकर ‘संदेसे आते हैं’ गाने में सनी देओल की भावनात्मक प्रस्तुति दर्शकों के दिलों में बस चुकी है।
जब ‘बॉर्डर 2’ से जुड़ी झलक सामने आई, तो कुछ यूज़र्स ने वरुण धवन की एक्टिंग की तुलना उसी स्तर से करनी शुरू कर दी।

कई लोगों का मानना था कि उस भावनात्मक गहराई को दोहराना आसान नहीं है, और इसी वजह से सोशल मीडिया पर आलोचनात्मक टिप्पणियां सामने आईं।

वरुण धवन ने क्या कहा?

ट्रोलिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए वरुण धवन ने साफ कहा कि वह तुलना को नकारात्मक रूप में नहीं देखते। उनके मुताबिक,
“‘बॉर्डर’ एक आइकॉनिक फिल्म है और सनी देओल का काम इतिहास का हिस्सा है। अगर लोग तुलना कर रहे हैं, तो यह उस फिल्म के प्रभाव को दिखाता है। मेरा मकसद किसी को रिप्लेस करना नहीं, बल्कि एक नई कहानी और नए किरदार को ईमानदारी से निभाना है।”

वरुण ने यह भी कहा कि ‘बॉर्डर 2’ को उसी भावना के साथ बनाया जा रहा है, लेकिन यह एक नई पीढ़ी की कहानी और दृष्टिकोण को सामने रखेगी।

सनी देओल से तुलना पर संतुलित नजरिया

फिल्मी जानकारों का मानना है कि सनी देओल की ‘बॉर्डर’ में मौजूदगी उस दौर की भावना और सिनेमा की जरूरत के अनुसार थी। वहीं, ‘बॉर्डर 2’ एक अलग समय, अलग दर्शक वर्ग और बदले हुए सिनेमाई माहौल में बन रही है।
इसलिए दोनों फिल्मों और कलाकारों की तुलना करना स्वाभाविक तो है, लेकिन पूरी तरह न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।

दर्शकों की उम्मीदें क्यों ज्यादा हैं?

‘बॉर्डर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि देशभक्ति की भावना का प्रतीक बन चुकी है। ऐसे में उसके सीक्वल से दर्शकों की उम्मीदें बेहद ऊंची होना लाज़मी है। वरुण धवन जैसे लोकप्रिय अभिनेता के जुड़ने से यह अपेक्षा और बढ़ गई है।

निष्कर्ष

‘बॉर्डर 2’ को लेकर ट्रोलिंग और तुलना यह दिखाती है कि दर्शक फिल्म से कितनी भावनात्मक उम्मीदें लगाए बैठे हैं। वरुण धवन की प्रतिक्रिया से यह साफ है कि वह आलोचना को खेल भावना से ले रहे हैं और अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सच बोलो न्यूज़ के लिए सवाल यही है—
👉 क्या दर्शक नई पीढ़ी के कलाकारों को उनकी अपनी पहचान बनाने का मौका देंगे?
👉 या फिर हर देशभक्ति फिल्म को पुराने क्लासिक से ही तौलते रहेंगे?

इन सवालों के जवाब फिल्म की रिलीज़ के बाद ही साफ हो पाएंगे।