दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय साइबर गैंग का पर्दाफाश

चीन और पाकिस्तान तक फैला नेटवर्क, जांच में जुटी एजेंसियां

नई दिल्ली | सच बोलो न्यूज़

दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका नेटवर्क भारत से बाहर चीन और पाकिस्तान तक फैला हुआ बताया जा रहा है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले को गंभीर राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा खतरे के तौर पर देखा जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, यह साइबर गैंग लंबे समय से ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल सेंटर, डिजिटल ठगी और डेटा चोरी जैसी गतिविधियों में शामिल था। गिरोह के सदस्य अत्याधुनिक तकनीक और विदेशी सर्वरों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बनाते थे, जिससे उनकी पहचान और लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था।

कैसे हुआ खुलासा?

दिल्ली पुलिस को बीते कुछ समय से साइबर ठगी से जुड़ी कई शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान पुलिस को एक संगठित नेटवर्क के संकेत मिले, जिसके बाद विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस ने दिल्ली में छापेमारी कर गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में सामने आया कि इस नेटवर्क की जड़ें विदेशों तक फैली हुई हैं और भारत में बैठे ऑपरेटर विदेशी मास्टरमाइंड्स के निर्देश पर काम कर रहे थे।

चीन और पाकिस्तान कनेक्शन

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का एक हिस्सा चीन और पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा था। विदेशी हैंडलर्स तकनीकी सपोर्ट, फंड ट्रांसफर और सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने में भूमिका निभा रहे थे। पुलिस का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले इस नेटवर्क का मकसद भारत में बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान पहुंचाना था।

किन लोगों को बनाया जाता था निशाना?

यह साइबर गैंग मुख्य रूप से:

  • आम नागरिकों

  • वरिष्ठ नागरिकों

  • ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने वाले लोगों

को निशाना बनाता था। फर्जी कॉल, ईमेल और मैसेज के जरिए लोगों को डराकर या लालच देकर उनसे पैसे ऐंठे जाते थे।

जब्त सामग्री और आगे की जांच

पुलिस ने आरोपियों के पास से:

  • कई मोबाइल फोन

  • लैपटॉप

  • सिम कार्ड

  • डिजिटल डेटा

जब्त किया है। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, जिससे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचना दी गई है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह सिर्फ आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं, बल्कि डेटा सिक्योरिटी और राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है।

निष्कर्ष

दिल्ली में पकड़ा गया यह अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह एक बार फिर यह साबित करता है कि साइबर अपराध अब सिर्फ स्थानीय समस्या नहीं रह गए हैं, बल्कि वैश्विक नेटवर्क के रूप में काम कर रहे हैं।

सच बोलो न्यूज़ के लिए यह मामला एक चेतावनी है—
👉 आम लोगों को ऑनलाइन लेन-देन में सतर्क रहने की जरूरत है।
👉 किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत कार्रवाई करने से बचें और पुलिस को सूचित करें।

साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।