सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने आगामी 28 सितंबर से प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को देखते हुए ग्राहकों को समय से पूर्व बैंकिंग कार्य निपटाने की सलाह दी है। बैंक यूनियनों द्वारा पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और पेंशन सुधारों जैसी मांगों को लेकर किए जा रहे इस विरोध प्रदर्शन से शाखाओं में कामकाज ठप हो सकता है। ग्राहकों को 25 सितंबर तक अपने जरूरी दस्तावेज आधारित काम पूरे करने का सुझाव दिया गया है।

पंजाब नेशनल बैंक और एसबीआई की ग्राहकों को सलाह 25 सितंबर तक निपटा लें सभी जरूरी बैंकिंग कार्य

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू), जो भारत में बैंकिंग क्षेत्र के लगभग 90 प्रतिशत कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक शीर्ष संगठन है, ने अपनी लंबित मांगों को लेकर इस व्यापक विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।

कर्मचारी संगठनों की प्राथमिक मांगों में बैंक कर्मियों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल प्रभाव से लागू करना सबसे प्रमुख है।

इसके अतिरिक्त, यूनियनें सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन में व्यापक सुधार और अपडेट, पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला लागू करने और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में स्विच करने का विकल्प देने की मांग कर रही हैं।

पंजाब नेशनल बैंक ने अपने ग्राहकों को भेजे गए आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक संदेश में स्पष्ट किया है कि हालांकि हड़ताल के दौरान बैंक की भौतिक शाखाओं में सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं, लेकिन बैंक प्रशासन डिजिटल चैनलों की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैंक के अनुसार एटीएम, मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट सेवाएं इस तीन दिवसीय अवधि के दौरान चालू रहने की उम्मीद है।

बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे नियमित लेनदेन के लिए इन डिजिटल माध्यमों का ही उपयोग करें ताकि उन्हें शाखाओं के बंद होने से किसी बड़ी समस्या का सामना न करना पड़े।

पंजाब नेशनल बैंक और एसबीआई की ग्राहकों को सलाह 25 सितंबर तक निपटा लें सभी जरूरी बैंकिंग कार्य

यह प्रस्तावित हड़ताल बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक बड़ी परिचालन चुनौती बनकर उभरी है क्योंकि इसकी तिथियां 30 सितंबर को होने वाली बैंकिंग क्षेत्र की छमाही वित्तीय क्लोजिंग के साथ टकरा रही हैं।

वित्तीय वर्ष की इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान बैंकों में लेखा-जोखा और वित्तीय विवरणों को अंतिम रूप देने का काम जोरों पर होता है।

हड़ताल के कारण इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में देरी होने की आशंका है जिससे व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ सकते हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वित्तीय सेवा विभाग ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें शुरू कर दी हैं ताकि किसी भी तरह के आर्थिक व्यवधान को न्यूनतम किया जा सके।

पंजाब नेशनल बैंक और एसबीआई की ग्राहकों को सलाह 25 सितंबर तक निपटा लें सभी जरूरी बैंकिंग कार्य

सरकार और बैंक प्रबंधन वर्तमान में संभावित संकट से निपटने के लिए विभिन्न आकस्मिक योजनाएं तैयार कर रहे हैं।

इसके तहत हड़ताल के दौरान एटीएम में नकदी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कुछ चुनिंदा प्रमुख शाखाओं को कार्यात्मक रखने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।

ग्राहकों को पुनः परामर्श दिया गया है कि वे किसी भी अंतिम समय की अफरा-तफरी से बचने के लिए अपने चेक क्लियरिंग, ऋण संबंधी कार्य और अन्य दस्तावेज आधारित बैंकिंग कार्यों को 25 सितंबर तक अनिवार्य रूप से निपटा लें।

बैंक यूनियनों और प्रबंधन के बीच वार्ता जारी है, लेकिन फिलहाल हड़ताल टलने के कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं।