सच बोलो रिपोर्ट। ​रायपुर: बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का पावन पर्व 'विजयादशमी' शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. मैदान में हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया।

कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत शाम 5:30 बजे प्रभु श्री राम के दरबार की नयनाभिराम और भव्य सजीव झांकी के साथ हुई।

गाजे-बाजे और जय श्रीराम के गगनभेदी जयकारों के साथ यह शोभायात्रा पूरे क्षेत्र के भ्रमण पर निकली।

मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर झांकी का आत्मीय स्वागत किया।

सजीव झांकी में पात्रों की वेशभूषा और उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को त्रेतायुग की याद दिला दी।

जब यह शोभायात्रा बी.टी.आई.

मैदान पहुँची, तो वहां का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और लोगों ने श्रद्धापूर्वक प्रभु श्री राम की आरती उतारी।

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खम्हारडीह सार्वजनिक दशहरा एवं संस्कृति समिति के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र यादव ने इस ऐतिहासिक आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह दशहरा उत्सव इस वर्ष अपने गौरवशाली 78वें वर्ष में सफलतापूर्वक प्रवेश कर चुका है।

उन्होंने कहा कि दशकों से चली आ रही यह परंपरा हर वर्ष नए उत्साह और जनभागीदारी के साथ फल-फूल रही है।

78 वर्षों का यह सफर इस बात का गवाह है कि क्षेत्र के लोग अपनी संस्कृति और मूल्यों के प्रति कितने सजग हैं।

समिति ने इस बार भी उत्सव को यादगार बनाने के लिए कई महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं।

इस गरिमामय उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष और समिति के प्रमुख संरक्षक श्री संजय श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

उनके साथ रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और स्थानीय पार्षद श्रीमती पुष्पा रोहित साहू ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भगवान श्री राम की विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेश की जनता के लिए सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।

जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

बी.टी.आई. मैदान में भव्य आतिशबाजी के साथ हुआ रावण दहन, खम्हारडीह के 78वें दशहरा उत्सव में उमड़ा जनसैलाब

जैसे-जैसे शाम ढली, मैदान में जनसैलाब बढ़ता गया और हजारों की संख्या में लोग पुतला दहन देखने के लिए एकत्रित हुए।

रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन से पहले मैदान में अद्भुत आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया, जिसने आसमान में रंगों की छटा बिखेर दी।

जैसे ही श्री राम के बाण से रावण के पुतले में अग्नि प्रज्वलित हुई, पूरा मैदान जय श्री राम के नारों से गूंज उठा।

आतिशबाजी के इस रोमांचक और भव्य नजारे को लोगों ने अपने कैमरों में कैद किया।

सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन और समिति के स्वयंसेवकों ने चाक-चौबंद व्यवस्था कर रखी थी।

समिति के सुव्यवस्थित प्रबंधन और स्थानीय नागरिकों के अभूतपूर्व सहयोग से यह 78वां दशहरा उत्सव ऐतिहासिक रूप से सफल रहा।

आयोजन के अंत में समिति के पदाधिकारियों ने सभी गणमान्य अतिथियों, पुलिस प्रशासन और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।

यह भव्य आयोजन एक बार फिर यह संदेश देने में सफल रहा कि अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत धर्म और सत्य की ही होती है।

रायपुर के शंकर नगर का यह बी.टी.आई.

मैदान एक बार फिर इस महान सांस्कृतिक परंपरा का साक्षी बना और लोगों के दिलों में नई ऊर्जा का संचार कर गया।