सच बोलो रिपोर्ट। राजधानी रायपुर में भारी बारिश के बाद उपजे जलभराव और बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा किया।
सच बोलो रिपोर्ट। राजधानी रायपुर में भारी बारिश के बाद उपजे जलभराव और बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा किया।
दौरे की शुरुआत में कलेक्टर डॉ.
गौरव सिंह ने नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन के साथ श्रीलंका नगर बस्ती का मुआयना किया।
यहाँ भारी बारिश के कारण गलियों और घरों में पानी भर जाने से निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कलेक्टर ने जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम के अधिकारियों को जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम करने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संकट की घड़ी में जिला प्रशासन पूरी तरह से आम जनता के साथ खड़ा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ.
सिंह ने पूर्व माध्यमिक शाला चांदनीडीह और शासकीय प्राथमिक शाला घनश्याम नगर (डिपरापारा) में स्थापित किए गए अस्थायी राहत शिविरों का भी दौरा किया।
इन शिविरों में उन लोगों को आश्रय दिया गया है जिनके घरों में पानी भर गया है या जो असुरक्षित क्षेत्रों में रह रहे थे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शिविरों में शरण लिए हुए नागरिकों से सीधा संवाद किया।
उन्होंने लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा और यह जानने की कोशिश की कि क्या उन्हें समय पर भोजन, पानी और अन्य आवश्यक वस्तुएं मिल रही हैं।
नागरिकों ने कलेक्टर को अपनी आपबीती सुनाई, जिस पर उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को निराकरण के आदेश दिए।
प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कलेक्टर ने मातहत अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावितों के राहत और पुनर्वास के लिए एक त्वरित और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने कहा कि केवल तात्कालिक राहत ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावितों के दीर्घकालिक पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
इसके साथ ही, कलेक्टर ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रभावित क्षेत्रों में हुए जान-माल के नुकसान का त्वरित और सटीक आकलन करें।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नुकसान का सर्वे पारदर्शी तरीके से किया जाए ताकि सभी पात्र लोगों को शासन के नियमानुसार उचित मुआवजा राशि जल्द से जल्द प्रदान की जा सके।
इस निरीक्षण के दौरान एक बेहद मानवीय और संवेदनशील पहल भी देखने को मिली, जिसने आम जनता के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत किया।
जब भोजन वितरण का समय हुआ, तो कलेक्टर डॉ.
गौरव सिंह, निगमायुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और डीसीपी (पश्चिम) रॉबिंसन गुड़िया ने राहत शिविर में प्रभावितों के लिए तैयार किए गए भोजन को स्वयं खाकर उसकी गुणवत्ता की जांच की।
अधिकारियों ने आम नागरिकों के साथ बैठकर वही भोजन किया जो उन्हें परोसा जा रहा था।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आपदा के समय भी लोगों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

भोजन की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करने के साथ ही कलेक्टर ने शिविरों के प्रबंधन के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि जलजनित बीमारियों का खतरा न बढ़े।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नियमित रूप से शिविरों में मेडिकल चेकअप करने और आवश्यक दवाइयों का स्टॉक बनाए रखने को कहा।
इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने पर्याप्त मात्रा में राशन, स्वच्छ पेयजल और जरूरतमंदों के लिए कपड़ों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता हर नागरिक की सुरक्षा और सुविधा है।
अंततः, कलेक्टर डॉ.
गौरव सिंह के इस विस्तृत दौरे और सक्रियता ने रायपुर जिला प्रशासन की तत्परता को रेखांकित किया है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी आपात स्थिति के लिए अलर्ट मोड पर रहने की हिदायत दी है।
प्रशासन की इस त्वरित प्रतिक्रिया से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
कलेक्टर ने आश्वस्त किया है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक राहत शिविर संचालित रहेंगे और प्रभावितों की हर संभव मदद की जाएगी।
इस दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संकट के समय शासन-प्रशासन धरातल पर सक्रिय है।