Tata Capital IPO 2025 opens Oct 6 with ₹15,500 crore issue. Know price band, valuation, subscription details, and key investor insights.
भारत की वित्तीय दुनिया में Tata Capital इन दिनों बड़े चर्चे में है। इस Tata समूह की NBFC शाखा ने हाल ही में Rs 15,500 करोड़ IPO लॉन्च करने की घोषणा की है — और यह प्रस्ताव Tata समूह का अब तक का सबसे बड़ा IPO माना जा रहा है।
IPO के लिए Tata Capital ने Rs 310–326 प्रति शेयर की मूल्य सीमा (price band) निर्धारित की है। यह प्रस्ताव अनलिस्टेड मूल्य के मुकाबले लगभग 56% की छूट पर पेश किया गया है, ताकि अधिक निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।
इससे पहले, Tata Capital ने IPO की तैयारी में कदम बढ़ाते हुए rights issue का निर्णय लिया था। कंपनी ने Rs 1,752 करोड़ की नई पूँजी जुटाने की योजना बनाई और Tata Sons ने इसका लगभग Rs 1,630 करोड़ हिस्सा सब्सक्राइब करने की संभावना जताई। इसके साथ ही, कंपनी ने Rs 30,000 करोड़ तक के ऋण (debt instruments) जुटाने की अनुमति भी बोर्ड से पाई।
IPO को लेकर Tata Capital ने विदेशी निवेशकों के बीच रोडशो भी पूरे किए हैं और कंपनी का लक्ष्य IPO की कुल वैल्यूएशन $18–20 बिलियन तक पहुँचाने का है। कुछ रिपोर्ट बताते हैं कि कंपनी $1.85–$2.0 बिलियन (लगभग ₹17,000 करोड़) जुटाने की ओर बढ़ रही है।
IPO की शुरुआत 6 अक्टूबर 2025 से होगी, और यह 3 दिन तक खुलेगा — 8 अक्टूबर को समापन होगा। आरंभ में एंकर निवेशकों (anchor investors) को बोली लगाने का अवसर 3 अक्टूबर को मिलेगा।
विश्लेषकों की नजर इस IPO पर इसलिए भी है क्योंकि RBI ने 2022 में Tata Capital को “upper-layer NBFC” श्रेणी में रखा था, और इसके तहत तय किया गया कि इसे सितंबर 2025 तक सार्वजनिक होना चाहिए। इस नियामकीय दायित्व ने IPO में तेजी लाने का दबाव बढ़ाया है।
हालाँकि, कुछ चुनौतियाँ भी IPO पथ में हैं। Tata Capital की अनलिस्टेड शेयर कीमतों में हाल में गिरावट देखी गई है, खासकर HDB IPO के बाद ग्रे-मार्केट में पुनर्मूल्यांकन (reset) के बाद। कंपनी ने अपने दस्तावेज़ों में यह उल्लेख किया है कि उसकी provision coverage ratio (NPAs के लिए आरक्षित राशि) गिरकर 58.5% हो गई है, जो पहले 74–77% थी। ये पहलू निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ाते हैं।
IFC (International Finance Corporation) इस IPO में भी शामिल है — वह 3.58 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव रख रहा है और अनुमान है कि उसका मुनाफा लगभग ₹2,278 करोड़ के करीब हो सकता है। यह निवेश IFC के 2011 के निवेश पर आधारित है, और IPO के माध्यम से वह अच्छी रिटर्न लेने की स्थिति में है।
Tata Capital की वित्तीय स्थिति भी मजबूत दिख रही है — FY25 में कंपनी ने Profit After Tax लगभग ₹3,655 करोड़ दर्ज किया है, और उसका कुल एसेट आधार ₹2,48,465 करोड़ तक पहुंचा है। साथ ही, Tata Sons की 93% हिस्सेदारी की वर्तमान वैल्यू लगभग ₹98,178 करोड़ आंकी गई है।
IPO के बाद, Tata Capital भारत की सबसे बड़ी NBFC लिस्टिंग में से एक बनेगी और इसके माध्यम से कंपनी को स्वच्छ वित्तीय संरचना, पूँजी वृद्धि और विस्तार की दिशा में मजबूती मिलेगी। निवेशकों और बाजार जगत की निगाहें इस वित्तीय महाकुंभ पर टिकी हैं।