रायपुर: दिव्यांग बच्चों ने उमंग के साथ गरबा किया, वरिष्ठ पत्रकारों को किया सन्मानित

रायपुर: अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल के प्रांगण में नवरात्रि के पावन अवसर पर हुए गरबा महोत्सव में दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने ऐसी प्रस्तुति दी जिसे देखकर दर्शक दंग रह गए। चेहरों पर अटूट खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। कार्यक्रम में स्कूल प्रशासन, सहयोगी संस्थाएँ, स्थानीय समाज और कई सम्मानित अतिथियों की मौजूदगी कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा गई।

गरबा कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. राकेश पांडे ने मंच से बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि इनकी लगन और प्रतिभा किसी भी सामान्य कार्यक्रम से कम नहीं है। उन्होंने अभिभावकों, सहयोगी संस्थाओं और आयोजकों का आभार व्यक्त किया जिनके सहयोग से यह महोत्सव संभव हो सका।

गरबा में भाग लेने वाले सभी बच्चों ने परम्परागत परिधान में रंगीन ठाठ-बाट के साथ मंच पर परफॉर्म किया। नृत्य के दौरान उनके चेहरे पर जो खुशी और आत्मविश्वास था, उसने सभी को भावविभोर कर दिया। दर्शक बार-बार तालियों से उनका उत्साह बढ़ाते रहे।

दिव्यांग बच्चों का गरबा

कार्यक्रम के निर्णायक पैनल ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, सर्वश्रेष्ठ ड्रेस और सर्वश्रेष्ठ गरबा के पुरस्कारों की घोषणा की। प्रथम पुरस्कार मौसम लूनिया को दिया गया, जबकि बेस्ट ड्रेस के पुरस्कार अर्चना, पायल एवं श्रेया नायक के नाम रहे। बेस्ट गरबा का पुरस्कार परमवीर, नमन, तान्या एवं टीना को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त लकी ड्रॉ के माध्यम से भी कई बच्चों को आकर्षक इनाम वितरित किए गए।

बाबूलाल ज्वेलर्स की ओर से चांदी के सिक्के, साड़ियाँ और गिफ्ट हैम्पर जैसे पुरस्कार बच्चों को भेंट किए गए, जिनसे कार्यक्रम और भी उत्सवमय बन गया।

पुरस्कार वितरण

कार्यक्रम के आयोजक और सहयोगी संस्थाएँ—अष्टविनायक रियलिटीज़ (स्पॉन्सर), यंग इंडियंस (YI), इनर व्हील क्लब ऑफ रायपुर, हरसंभव फाउंडेशन, अर्णा फाउंडेशन, चालिए दान करे टीम, वाई आय टीम, महेश्वरी समाज तथा अर्पण दिव्यांग कल्याण समिति ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया। इन संस्थाओं के सदस्यों ने मंच से बच्चों एवं स्कूल टीम की जमकर प्रशंसा की और भविष्य में ऐसे आयोजनों के प्रति सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया।

इनर व्हील क्लब की अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल, हरसंभव फाउंडेशन की अध्यक्ष पुष्पलता त्रिपाठी, अर्णा फाउंडेशन की अध्यक्ष रूना शर्मा एवं चालिए दान करे टीम की सचिव आकांक्षा ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों को प्रेरित संदेश दिए और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

समूह चित्र

अर्पण दिव्यांग कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, उपाध्यक्ष मृत्युंजय त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष वीरेन्द्र शर ने आयोजन के समन्वय का कार्य संभाला। स्कूल के निदेशक डॉ. राकेश पांडे, उपस्थिति प्रबन्धन में सहायक रहे। मंच संचालन का उत्कृष्ट कार्य सीमा छाबड़ा ने किया जिससे कार्यक्रम का वातावरण और भी खुशनुमा बन गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विक्की लोहाना तथा विशेष अतिथि ममता सुराना रहे। भूतपूर्व महापौर प्रमोद दुबे एवं गिरीश दुबे भी समारोह में शामिल होकर बच्चों को प्रोत्साहित किया। वरिष्ठ गणमान्य अतिथियों ने मंच से बच्चों की तारीफ करते हुए कहा कि ये बच्चे अपनी प्रतिभा के दम पर किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।

इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि दिव्यांगता किसी भी व्यक्ति की क्षमता को परिभाषित नहीं करती; सही अवसर और समर्थन मिल जाए तो प्रतिभा किसी भी सीमा को पार कर लेती है। आयोजनों के माध्यम से समाज में समावेशिता और समान अवसर की भावना को बढ़ावा मिलता है।

अंत में पुरस्कार वितरण समारोह के पश्चात् सभी ने मिलकर सामूहिक नृत्य किया और कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन तथा आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। अभिभावकों ने भी आयोजकों और सहयोगी संस्थाओं को धन्यवाद दिया और कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं।

सचबोलो रिपोर्टर: यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक था बल्कि समाज में दिव्यांगता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का एक सशक्त कदम भी साबित हुआ।