Chhattisgarh High Court marks 25 years of justice, transparency, and citizen rights. Celebrate its Silver Jubilee achievements now!
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रजत जयंती समारोह : संविधान, न्याय और नागरिक अधिकारों का गौरवशाली उत्सव
रायपुर, 26 सितंबर 2025 — कवरेज: सच बोलो न्यूज़ रिपोर्टर विजय सिन्हा
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर को महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति ने और भी विशिष्ट बना दिया। कार्यक्रम का समस्त कवरेज सच बोलो न्यूज़ के संवाददाता विजय सिन्हा ने प्रदान किया।
न्यायालय : संविधान का व्याख्याकार और अधिकारों का संरक्षक
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने संबोधित करते हुए कहा कि 1 नवम्बर 2000 को राज्य के गठन के साथ ही छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना हुई और तब से यह न्यायालय संविधान का व्याख्याकार, नागरिक अधिकारों का संरक्षक और न्याय का सजग प्रहरी बनकर खड़ा है। उन्होंने लोक अदालतों के माध्यम से लंबित मामलों के त्वरित निराकरण की सराहना की और जोर देकर कहा कि न्याय केवल सामर्थ्यवानों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि गरीब और वंचित तक भी सुलभ होना चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार न्यायिक प्रक्रिया को तेज़ और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विधि एवं विधायी विभाग के बजट में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, और डिजिटल नवाचार जैसे वर्चुअल कोर्ट, लाइव स्ट्रीमिंग तथा डिजिटल रिकॉर्ड रूम से न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता तथा सुगमता आई है। मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में हाईकोर्ट द्वारा दिये गये उल्लेखनीय फैसलों तथा लोकहित के निर्णयों की भी प्रशंसा की।
न्यायपालिका का सर्वोत्तम उद्देश्य — जनविश्वास
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्री जे.के. माहेश्वरी ने कार्यक्रम में कहा कि आमजन का विश्वास अर्जित करना ही न्यायपालिका का सर्वोत्तम उद्देश्य है। उन्होंने आगामी 25 वर्षों के लिए साझा विजन बनाने और न्यायिक प्रक्रियाओं को जनहित के अनुरूप और अधिक सुलभ बनाने पर बल दिया। न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार मिश्रा ने हाईकोर्ट की यात्रा और अपने संस्मरण साझा किए।
विशिष्ट अतिथियों एवं स्मारिका विमोचन
समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधि मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रजत जयंती वर्ष पर आधारित स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
भविष्य की दिशा और आभार
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने कहा कि बीते 25 वर्षों में न्यायालय ने संवैधानिक नैतिकता, सामाजिक न्याय और सुशासन को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समारोह का समापन न्यायाधीश श्री संजय के अग्रवाल द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। इस अवसर पर अनेक न्यायाधीश, अधिवक्ता, विधायकों तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
यह अवसर न केवल छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव था, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए प्रण और नई योजनाओं की रूपरेखा का भी संकेत था।
— रिपोर्ट: विजय सिन्हा, सच बोलो न्यूज़