रिपोर्टर: सच बोलो न्यूज़ डेस्क, गरियाबंद

गरियाबंद में देर रात भीषण आग — माँ कर्मा राइस मिल में धान से भरी ट्रक जलकर राख

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में शनिवार की देर रात एक भयावह हादसा सामने आया, जब पैरी नगर स्थित माँ कर्मा राइस मिल में अचानक आग भड़क उठी। रात का सन्नाटा उस समय चीखों और अफरा-तफरी में बदल गया, जब मिल के बाहर खड़ी धान से भरी ट्रक आग की लपटों में घिर गई। देखते ही देखते ट्रक जलकर खाक हो गया, और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।

आग लगते ही मचा हड़कंप, कर्मचारियों ने दी सूचना

घटना के समय मिल परिसर में मौजूद कर्मचारियों ने आग लगते ही स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज़ थीं कि उन्होंने तुरंत मिल मालिक विकास साहू को सूचना दी। साहू ने तत्परता दिखाते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गाफू मेमन को खबर दी, जिन्होंने बिना देर किए फायर ब्रिगेड और पुलिस विभाग को सूचित किया।

दमकल विभाग की समय पर कार्रवाई से टला बड़ा हादसा

आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और उन्होंने तेजी से राहत कार्य शुरू किया। पहले फायर टीम ने जलती हुई ट्रक पर काबू पाया ताकि आग मिल के अंदर स्थित गोदाम तक न फैले। लगभग रात 2:30 बजे तक दमकलकर्मियों ने आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया।

ट्रक और धान का भारी नुकसान, मालिक ने जताई चिंता

मिल मालिक विकास साहू ने बताया कि आग इतनी तेज़ थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह जल गया और ट्रक में लदा लगभग 200 कट्टा धान राख में तब्दील हो गया। उन्होंने कहा कि अगर दमकल विभाग समय पर नहीं पहुंचता तो आग मिल के गोदाम तक फैल जाती और नुकसान कई गुना बढ़ सकता था।

पूर्व नपा अध्यक्ष गाफू मेमन की तत्परता बनी राहत का कारण

रात करीब दो बजे पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गाफू मेमन खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने फायर टीम को दिशा-निर्देश दिए और पुलिस के साथ मिलकर राहत कार्य में समन्वय किया। उनकी तत्परता और निर्णय क्षमता के कारण स्थिति बिगड़ने से बच गई। स्थानीय लोगों ने उनकी तत्परता की सराहना की।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

घटना के बाद पुलिस और दमकल विभाग ने मिल परिसर का निरीक्षण किया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट या किसी ट्रक के इंजन से उठी चिंगारी के कारण लग सकती है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

स्थानीय लोगों में भय और सवाल

घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। लोग रातभर जागते रहे कि कहीं आग फैल न जाए। कई स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाए हैं कि मिल परिसर में सुरक्षा मानक क्यों नहीं अपनाए गए थे। क्या वहां फायर एक्सटिंग्विशर और आपातकालीन निकास के पर्याप्त इंतजाम थे?

दमकल विभाग की चुनौतियाँ

फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने बताया कि उन्हें घटना स्थल तक पहुंचने में थोड़ी देरी हुई क्योंकि रास्ता संकरा था और ट्रक खड़ी होने से फायर गाड़ियों को जगह नहीं मिल पा रही थी। इसके बावजूद टीम ने बखूबी स्थिति संभाली और आग को फैलने से रोका। उन्होंने कहा कि इस तरह की औद्योगिक इकाइयों में नियमित फायर सेफ्टी ड्रिल जरूरी है।

बचाव अभियान में पुलिस की भूमिका

गरियाबंद पुलिस भी मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र को खाली कराया ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस ने मिल क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ा दी है और बताया कि किसी जान-माल की हानि नहीं हुई है। फिर भी नुकसान का आंकलन जारी है।

नुकसान और भविष्य की चेतावनी

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। मिल के बाहर खड़ी ट्रक पूरी तरह जल चुकी है। स्थानीय प्रशासन ने आग की इस घटना को “चेतावनी” बताया और कहा कि सभी औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य करना चाहिए।

आग से सबक — सुरक्षा की अनदेखी नहीं

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं कि क्या औद्योगिक क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है? क्या मिलों में फायर अलार्म सिस्टम और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी मौजूद हैं? अगर ये इंतजाम पहले से होते, तो शायद इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।

स्थानीय प्रशासन की अपील

गरियाबंद प्रशासन ने सभी उद्योग मालिकों से अपील की है कि वे अपनी इकाइयों में फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच कराएं और अग्निशमन विभाग से समय-समय पर निरीक्षण कराते रहें। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएँ केवल लापरवाही से होती हैं और भविष्य में इन्हें रोकना जरूरी है।

“सच बोलो न्यूज़” पाठकों को सलाह देता है कि सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें, चाहे घर हो या कार्यस्थल — एक छोटी सी चिंगारी बड़ी तबाही का कारण बन सकती है।