कॉलेज छात्रों के लिए मार्क जुकरबर्ग की खास सलाह: Meta में हायरिंग का ‘बेसिक रूल’ किया साझा

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Meta के सह-संस्थापक और सीईओ Mark Zuckerberg ने एक बार कॉलेज छात्रों से बातचीत के दौरान करियर और हायरिंग को लेकर अपनी अहम सोच साझा की थी। उनका कहना है कि कॉलेज के दौरान लिया गया एक फैसला आगे चलकर पूरे करियर की दिशा तय कर सकता है।

🎓 कॉलेज का सबसे अहम फैसला

मार्क जुकरबर्ग के मुताबिक, कॉलेज में पढ़ाई के विषय से ज्यादा महत्वपूर्ण यह होता है कि आप किन लोगों के साथ समय बिताते हैं। उन्होंने कहा कि दोस्त, टीममेट और साथ काम करने वाले लोग न सिर्फ आपकी सोच को आकार देते हैं, बल्कि भविष्य के अवसर भी वहीं से निकलते हैं।

💼 Meta में हायरिंग का मूल मंत्र

जुकरबर्ग ने बताया कि Meta में हायरिंग के दौरान यह देखा जाता है कि कोई व्यक्ति:

  • नई चीजें सीखने को लेकर कितना उत्सुक है

  • समस्याओं को सुलझाने का नजरिया कैसा है

  • टीम के साथ मिलकर काम करने की क्षमता रखता है या नहीं

उनका मानना है कि डिग्री या कॉलेज का नाम उतना अहम नहीं, जितनी सोच, जिज्ञासा और सीखने की भूख

🚀 सही लोगों के साथ आगे बढ़ने की सलाह

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि कॉलेज के समय ऐसे लोगों को चुनें जो आपको बेहतर बनने के लिए प्रेरित करें। यही लोग आगे चलकर स्टार्टअप, नौकरी और नए प्रोजेक्ट्स में आपके सबसे बड़े सहायक बन सकते हैं।

🌱 करियर के लिए सीख

जुकरबर्ग का संदेश साफ है—करियर की सफलता केवल मार्क्स या सिलेबस तक सीमित नहीं होती। सही माहौल, सही लोग और लगातार सीखने की आदत ही असली ताकत है।

सच बोलो न्यूज़ के लिए यह खबर खास है, क्योंकि यह युवाओं को यह समझने में मदद करती है कि कॉलेज का समय केवल पढ़ाई का नहीं, बल्कि भविष्य की नींव रखने का सबसे अहम दौर होता है।